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10.14.2007
 
शब्द कहाँ से लाऊँ वो?
रचना सिंह

शब्द
जो गले मे अटकते हैं
शूल बनकर दिल को
चुभते हैं

शब्द
जो कलम से फिसलते हैं
फाँस बनकर दूसरो को
लगते हैं

शब्द
जो नहीं भरमाते हैं
सबको पसंद नहीं
आते हैं

शब्द
जो मन भाते हैं
सब को पसंद
आते हैं

शब्द
जो मन भाते हैं
वोही भरमाते हैं

शब्द
जो भावना की
स्याही से
लिखे जाते हैं
शीतलता दे जाते हैं

शब्द
कहाँ से लाऊँ वो
जो लाये तुमको
मिलाये हमको


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