आर.पी.घायल


क़लाम

आपको अपनी अदा की.....
आपने पूछा मुझे तो
कभी बादल कभी बिजली...
किसी कविता को पहले ..
ग़रीबी रोग से हर दिन ....
छायी थी मुझ पे बेख़ुदी ...
जो लोग मरते थे कभी ...
दुखों के दिन मेरे सुख में
वो तनहाई वो गलबंहियाँ