अमृत कुंड प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी
प्रेम के हठ योग में जाग्रत है - प्रेम की कुण्डलिनी।
रन्ध्र-रन्ध्र में सिद्ध है - साधना
पोर-पोर बना है - अमृत-कुंड।
प्रणय-सुषमा प्रस्फुटित है -सुषुम्ना नाड़ी में कि देह में प्रवाहित है - अनगिनत नदियाँ।