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| 05.22.2009 |
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सुख-दुःख में जो साथ चले हैं |
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सुख-दुःख में जो साथ चले हैं देखो नफ़रत की आतिश में और रखे क्या सामां पथ में क्या लेना हमको बरसों से धूप खिली है ’पुरू’ ख़ुशियों की |
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