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| 05.23.2009 |
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आज जिएँ कल मरना है |
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आज जिएं कल मरना है भूली-बिसरी गलियों से ख़ौफ़ मिटेगा दिल से कब आग बिछी है राहों में साथ रहो तुम या न रहो थम न सके आँसू इनमें एक खुशी की ख़ातिर ही |
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