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ISSN 2292-9754

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05.18.2017


जीत सूर्य सी!!

घुप्प अंधेरा
सूर्य के आलोक में
नवल आशा!!

एक ओजस्वी
प्रतीक पौरुष का
पथ अडिग!!

भुजबल से
जीतने चला विश्व
महामानव!!

रवि रश्मियाँ
न बाँध पाये जग
साक्षात शक्ति!!

बुलंद सोच
दृढ़ निश्चय से हो
जीत सूर्य सी!!


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