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ISSN 2292-9754

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07.24.2016


रिमझिम रिमझिम गिरता पानी

 रिमझिम रिमझिम गिरता पानी
छमछम नाचे गुड़िया रानी

चमक रही है चमचम बिजली
छिप गईं है प्यारी तितली

घनघोर घटा बादल में छाई
सबके मन में खुशियाँ लाई

नाच रहे हैं वन में मोर
चातक पपीहा करते शोर

चारों तरफ हरियाली छाई
सब किसान के मन को भाई


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