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| 02.13.2009 |
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मेरे हिस्से में ये टूटा हुआ अंजुम क्यों है |
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मेरे हिस्से में ये टूटा हुआ अंजुम क्यों है यूँ तो रौनक़
है बहुत मेरे चार सू लेकिन |
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