अंन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली

मुख्य पृष्ठ

02.13.2009

 
परिचय  
 
नाम :

प्रेमचंद सहजवाला

जन्म : 18 दिसम्बर, 1945
शिक्षा : एम. एससी (गणित)
प्रकाशित कृतियाँ : हिन्दी -हिन्दी की प्रमुख पत्रिकाओं - धर्मयुग, साप्ताहिक, सारिका, रविवार, कहानी आदि में लगभग ८० कहानियाँ प्रकाशित। कुछ कहानियाँ आकाशवाणी से प्रसारित। कुछ कहानियाँ पुरस्कृत।

कहानी संग्रह - . सदमा २. कैसे-कैसे मंज़र ३. टुकड़े-टुकड़े आसमान।

दूसरे संग्रह पर शिक्षा मंत्रालय का पुरस्कार पहले संग्रह की भूमिका श्रीपत राय ने लिखी जो कि कहानी पत्रिका के संपादक थे व मुंशी प्रेमचंद के सुपुत्र थे। इनके संग्रह की भूमिका में उन्होंने इन्हें अपनी संतति घोषित किया। इनके मित्रगण प्रसन्न थे कि प्रेमचंद का सुपुत्र श्रीपत राय और उनके साहित्यिक सुपुत्र प्रेमचंद सहजवाला बने।

कविता बहुत कम लिखी व कुछ ग़ज़लें भी लिखी। थोड़ी सी सफलता भी मिली। पर मूलतः कहानीकार माने जाते हैं। एक पत्र में धारावाहिक लघु-उपन्यास भी छपा।

अंग्रेज़ी - आजकल कई वेबसाइटों पर इनके इतिहास, राजनीति व धर्म संबंधित लेख हैं। (www.youthejournalist.com, www.sulekha.com, www.merinews.com).
जनवरी २००६ में इनका 'इंग्लिश इनसाइक्लोपिडिया' छपा ('इंडिया थ्रू क्वेशचन्स एण्ड ऑनसर' दो भागों में)।

सिंधी सिंधीभाषी होने के नाते सिंधी ग़ज़ल व लेख लिखे।
सम्प्रति : भारत मौसम विज्ञान विभाग से सहायक मौसम विज्ञानी के पद से ३१ दिसम्बर २००५ को सेवानिवृत्त।
सम्पर्क : pc_sahajwala2005@yahoo.com