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05.31.2008
 

दिल से
प्रवीर कुमार वर्मा


दिल से न सही,
दिमाग से साथ रहिए
मन से न सही,
तन से साथ रहिए
अपनत्व से न सही,
परायेपन से साथ रहिए
सुख से न सही,
दुख से साथ रहिए
खुशी से न सही,
गम से साथ रहिए
व्यवहार के लिए न सही,
दुर्व्यवहार करने के लिए साथ रहिए
सम्मान देने के लिए न सही,
अपमान करने के लिए साथ रहिए
साथ रखने के लिए न सही,
वापिस करने के लिए तो बुलाईए
दिल से न सही दिमाग से साथ रहिए


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