अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली मुख्य पृष्ठ
07.06.2008
 

बॉस
प्रवीर कुमार वर्मा


आप मिलने आये नहीं ?
क्या करूँ मेरे बॉस हैं आने वाले
सोचा था उनके आकर
गुज़र जाने के बाद आऊँगा ।।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें