कितनी भी कर लूँ कोशिश... नहीं पहुँचेगी मेरी आवाज़... तुम्हारे दिल की गहराइयों तक...।
कुछ तो बढ़ ही गई हैं तुम्हारे दिल की गहराइयाँ...... और कुछ इसके एहसास ने मेरी आवाज़ को मद्धम कर दिया है ।।