हर तरह कर ली कोशिश कि गुज़र जाए रात...... फिर भी ज़रूरत पड़ ही गयी बुझती यादों के सायों की। इन्हीं का जला के अलाव की कोशिश कुछ गरमाहट दें एहसासों को कि नई किरन के साथ जग जाएँ रिश्ते नई सुबह के लिए।।