प्राण शर्मा

दीवान
आपके जैसा प्यारा साथी
केवल फूल भला लगता है
कोई न कोई चाहिए दुःख -सुख बँटाने में
गालियाँ माँ की दी नहीं होती
जिसकी सुखी है हर समय संतान दोस्तो
माना इसकी निढाल चाल नहीं
चेहरों पर हों कुछ उजाले ...
समीक्षा
"ग़ज़ल कहता हूँ" - कुछ विचार
(ग़ज़ल कहता हूँ - संग्रह लेखक प्राण शर्मा) - देवी नागरानी
लघुकथा
नया झुकाव
वक़्त -वक़्त की बात