प्राण शर्मा


दीवान


आपके जैसा प्यारा साथी
केवल फूल भला लगता है
माना इसकी निढाल चाल नहीं
चेहरों पर हों कुछ उजाले ...

 

समीक्षा

 

"ग़ज़ल कहता हूँ" - कुछ विचार
(ग़ज़ल कहता हूँ - संग्रह लेखक प्राण शर्मा) - देवी नागरानी