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| 03.28.2008 |
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जंगल के महाराज |
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बड़ी शान से बैठ गये हैं जंगल के महाराज ऐसी कोई स्कीम बनायें, सबकी होय भलाई, अनुशासित रह मेहनत से सब अपना-अपना काम करें, स्वावलंबन का पाठ पढ़ें तो सुधरे हालत माली, स्वाभिमान से रहें सभी, पर सबको न्याय मिले, |
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