प्रकाश यादव निर्भीक


कविता

अधूरा मिलन
अनचाही ज़िन्दगी
अनुभूति
अहसास
आशा की कली
एक ख़्वाब टूटा हुआ
एक प्रेमलता कुम्हलाई सी
एक बूँद हँसी की
ख़ामोश
जीवन का सच
तलाश
तुम न आये
तुम्हारे बिना
तुम्हारे लिए
दर्द दिल का
दीदार
मंज़िल अनछुई सी
मेरी छत
मैं और तुम
रेत
लाचार आँसू
वेदना विरह की
र की डगर पर
हक़