अन्तरजाल पर आपकी पाक्षिक पत्रिका
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वर्ष: 6 अंक 76, मार्च 17, 2009
लेखक या सम्पादक की लिखित अनुमति के बिना पूर्ण या आंशिक रचनाओं का पुर्नप्रकाशन वर्जित है। लेखक के विचारों के साथ सम्पादक का सहमत या असहमत होना आवश्यक नहीं।  सर्वाधिकार सुरक्षित
सम्पादक:- सुमन कुमार घई; साहित्यिक परामर्श:- डॉ. शैलजा सक्सेना; सहायता - विजय विक्रान्त; संरक्षक - महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश
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इस अंक में      पिछला अंक    पिछला माह
निराला जयंती -
इस अंक में —
कहानियाँ -
आत्मगर्भिता
वीणा विज 'उदित'
एक व्यक्ति उखड़ा हुआ
. दीप्ति गुप्ता
पहाड़ मेरा दोस्त
मुकेश श्रीवास्तव
हास्य - व्यंग्य - बाल साहित्य - लघु कथा -
शहर सिखाने पर उतारू है - वीरेन्द्र जैन
गरम है जूतों का बाज़ार - मनोहर पुरी

बाल कविताएँ - 2 - रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'

फूलों की सीख - प्रकाश चण्डालिया
जो डर गया वह मर गया (कहानी) -  रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'
जब मौन पिघल जाता है....... - शैफाली ('नायिका')
लालसा, तलाक़ - डॉ० यू० एस० आनन्द
आलेख - आपबीती / संस्मरण - चक्रव्यूह - (अभिमन्यु संघर्ष शृंखला..)
भारतीय संस्कृति में होली के विभिन्न रंग - कृष्ण कुमार यादव
वेलेन्टाइन-डे की सार्थकता - डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव
फक्कड़ कवि थे निराला - कृष्ण कुमार यादव

अधूरी कहानी - वीरेन्द्र जैन

04 - गांधी जी - चक्रव्यूह का अंतिम द्वार
साहित्यिक निबन्ध - आलेख (सामाजिक चिन्तन) - सूचना -
हँसता हुआ आया वन में ललित वसन् - डॉ. कविता वाचक्नवी
हर रूप में निराले निराला - डॉ. कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
(अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस, ८ मार्च पर विशेष
महिला उत्पीड़न के समाजशास्त्रीय एवम् मनोवैज्ञानिक आयाम - डॉ. वीरेन्द्र सिंह यादव
२१वीं सदी में स्त्री समाज के बदलते सरोकार - कृष्ण कुमार यादव
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टोरोंटो में अप्रैल 19, 2009 को कवि सम्मेलन। अधिक सूचना के लिए क्लिक करें -
कविताएँ - शायरी -
दुनिया मुझसे चलती है, ख़ुदा की क़िताब, क्यों????? - शैफाली ('नायिका')
अमृत कुंड, एकात्म के लिए, नरम ख़ामोशी, प्रणय-मोक्ष, धूप-ताप - प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी
आभास - महेशचन्द्र द्विवेदी
पहचान - अपनी, डेड-एंड - अनुला
समय की शिला पर - सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’
मेरे देश की कन्या, स्त्री विमर्श - डॉ० मधु सन्धु
२१वीं सदी की बेटी, मैं अजन्मी - आकांक्षा यादव
मुझे मत मारो, प्यारे भइया, शादी, कोई तो बतलाये, औरत का दर्द - दिनेश ध्यानी
कपड़े झड़ रहें हैं , तुम और मैं - पुरु मालव
दर्द घुटन और औरत -रचना श्रीवास्तव
गरीबी में - अवनीश एस. तिवारी
दुल्हन, रिश्ता खून का - एम.ए. शर्मा ’सेहर’

समर्पित गीत - प्रकाश चंडालिया
समझौता, पसन्द - श्यामल सुमन
तेरी याद आई - दीपक नरेश
शून्यता के राह पर, स्वर्ग की तलाश - नवल किशोर कुमार
दिल तुम बिन डूबा जाता है !, पीड़ा से लिया जोड़ है नाता !, बेचारा हूँ - डॉ. अनिल चड्डा
वरदान क्या माँगूँ, जीवन-यात्रा का पाथेय - डॉ. योगेन्द्र नाथ शर्मा ’अरुण’
अभ्युदय, जब तुम बरसे, तुम मेरी परछाई हो - प्रताप नारायण सिंह
निरन्तर, वो नज़रें, आता है नज़र, एक लम्बी बारिश - सुनील गज्जाणी
एक अंतहीन कविता, प्रकाश, सत्यवादी - जसबीर कालरवि
उस पल यादों के पाखी, एक दिवस वह डरा डरा सा, ज़िन्दगी मोम बन कर ... , जीवन के इस संधि पत्र पर, तुमने मुझसे कहा, लिखूँ मैं.. - राकेश खण्डेलवाल

झूमकर नाचकर गीत गाओ - देवी नागरानी
मेरा साया मुझे हर वक़्त - शरद तैलंग

ग़मे-हस्ती के सौ बहाने हैं - मनु "बे-तख़ल्लुस"
दिन का आगाज़, मेरी चाहतें - अमितोष मिश्रा
अय्याम ने, काफ़ी है, मैं, बातें, मेरी उम्मीदों को नाकाम ...नयी, ज़िंदगी भर यही सोचता..  - सीमा गुप्ता ’दानी’
मेरा रोशनी से कोई नाता नहीं, जो ग़म है सीने में ..., जिसकी आँख से आँसू ... - अवनीश कुमार गुप्ता
कागज़ के फूल, मौसम बदला सा - दीपक नरेश
एक टूटी छत लिए ..., कैसे उसको छोड़ूँ ..., कुछ वो पागल है ... - मनोज अबोध
संभल न पाना आँचल का, उनके लिये तो वो होली ..., मैं दर्द पिया करता हूँ !, उनकी फ़ितरत ही जब ... - डॉ. अनिल चड्डा
कब तक - प्रताप नारायण सिंह
पुस्तक चर्चा पुस्तक चर्चा - पुस्तक चर्चा

समाज भाषा विज्ञान
रंग शब्दावली : निराला काव्य

प्रो.ऋषभदेव शर्मा

 रबाब : कवि जसबीर कालरवि
परिचय : सुमन कुमार घई

"उकाल-उन्दार" :  कवि पाराशर गौ
डॉ. शैलजा सक्सेना
यात्रा संस्मरण - अनूदित साहित्य - संकलन -

मानसरोवर यात्रा  - 1
सीता राम गुप्ता

"छांग्या-रुक्ख" का धारावाहिक प्रकाशन लेखक : बलबीर माधोपुरी
हिन्दी अनुवाद : सुभाष नीरव

ज़िन्दगी और मौत के बीच

महादेवी वर्मा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी
त्रिलोचन शास्त्री
इस अंक में नया
ई - पुस्तकालय - (इस स्तम्भ के अन्तर्गत पुस्तकों का प्रकाशन धारावाहिक रूप में होगा)

जन-गण-मन
इस अंक में 41-56 ग़ज़लें (अंतिम)
द्विजेन्द्र ‘द्विज’

चराग़े-दिल
इस अंक में अन्तिम 19 ग़ज़लें
देवी नागरानी

06 - धार्मिक जीवन

- डॉ.दीप्ति गुप्ता


जागिये - आप देवता हैं! -
२२ - अन्तरात्मा

 


बूँद-बूँद आकाश
डॉ. गौतम सचदेव
इस अंक में

सुराही - मुक्तक संकलन
प्राण शर्मा
इस अंक में 180 - 199

शकुन्तला
इस अंक में चतुर्थ सर्ग - प्रमोद ६ महाकवि प्रो. हरिशंकर आदेश

चित्रकार - रवि वर्मा
साकेत
महाकवि मैथिली शरण गुप्त

मिथिलेश (खण्डकाव्य) सुरेन्द्र ’सौरभ’

द्वितीय – दर्शन – सर्ग (छन्द-सार)

41 - 6061 - 83

साहित्यिक समाचार -

हिन्दी राइटर्स गिल्ड की कहानी कार्यशाला - 2
हिन्दी राइटर्स गिल्ड द्वारा दो काव्य संकलनों का लोकार्पण
 
गीतांजलि की दिल्ली शाखा का शुभारंभ
शमशेर अहमद खान

प्रेम जनमेजय को व्यंग्यश्री-2009 सम्मान - प्रस्तुतिः देवराजेंद्र 
 
दिव्या माथुर की पुस्तक पंगा तथा अन्य कहानियां का लोकार्पण

स्वर्ण मन्दिर में शरद आलोक का सम्मान
- माया भारती 
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