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04.20.2014


पर्यावरण बचाओ

भैया पानी नहीं बहाना
अब घंटे भर नहीं नहाना।

पानी बहुत हुआ है मँहगा
बड़ा कठिन है पानी लाना।

अब तो सहन नहीं होता है
सूरज का अंगार गिराना।

सोन चिरैया भी गाती है
जल जंगल ज़मीन का गाना।

हम सबको है बड़ा ज़रूरी
धरती का पर्यावरण बचाना।


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