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ISSN 2292-9754

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03.24.2015


मुट्ठी में है लाल गुलाल

नोमू का मुँह पुता लाल से, सोमू का पीली गुलाल से।
कुर्ता भीगा राम रतन का, रम्मी के हैं गीले बाल।
मुट्ठी में है लाल गुलाल।

चुनियाँ को मुनियाँ ने पकड़ा,नीला रंग गालों पर चुपड़ा।
इतना रगड़ा ज़ोर ज़ोर से, फूल गये हैं दोनों गाल।
मुट्ठी में है लाल गुलाल।

सल्लू पीला रंग ले आया,कल्लू भी डिब्बा भर लाया।
रंग लगाया एक दूजे को, लड़े भिड़े थे परकी साल।
मुट्ठी में है लाल गुलाल।

कुछ के हाथों में पिचकारी, भरी बाल्टी रंग से भारी।
रंग बिरंगे सबके कपड़े, रंग रंगीले सबके भाल।
मुट्ठी में है लाल गुलाल।

इंद्र धनुष धरती पर उतरा, रँगा, रंग से कतरा कतरा।
नाच रहें हैं सब मस्ती में,बहुत मज़ा आया इस साल।
मुट्ठी में है लाल गुलाल।


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