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ISSN 2292-9754

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09.24.2014


जूता चोर चूहा

चूहा चाचा गये बाग में,
फूल तोड़ने जूही के।
वहीं पेड़ के नीचे देखे,
जूते किसी बटोही के।

फूल तोड़ना भूले चाचा,
पहिने जूते, घर आये।
किंतु हाये जूते थे मोटे,
बिल में नहीं‍ समा पाये।

खोज बीन होने पर जूते,
मिले चचा के दरवाजे।
पहुँची पुलिस बजाये डंडे,
चूहे जी डरकर भागे।


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