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ISSN 2292-9754

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09.02.2014


जंगल की बात

जंगल के सारे पेड़ों ने,
डोंडी ऐसी पिटवा दी है।
उन‌ की बेटी पत्तलजी की,
कल दोनेंजी से शादी है।

पहले तो दोनों प्रणय युगल,
बट के नीचे फेरे लेंगे।
संपूर्ण व्यवस्था भोजन की,
पीपलजी ने करवा दी है।

जंगल के सारे वृक्ष लता,
फल फूल सभी आमंत्रित हैं।
खाने पीने हँसने गाने,
की पूर्ण यहाँ आज़ादी है।

रीमिक्स सांग के साथ यहाँ,
सब बाल डांस कर सकते हैं।
टेसू का रंग महुये का रस,
पीने की छूट करा दी है।

यह आमंत्रण में साफ लिखा,
परिवार सहित सब आयेंगे।
उल्लंघन दंडनीय होगा,
यह बात साफ बतला दी है।

वन प्रांतर का पौधा पौधा,
अपनी रक्षा का प्रण लेगा।
इंसानों के जंगल प्रवेश,
पर पाबंदी लगवा दी है।

यदि आदेशों के पालन में,
इंसानों ने मनमानी की।
फतवा ज़ारी होगा उन पर‌,
यह‌ बात‌ साफ जतला दी है।


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