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02.28.2014


हिसाब किताब‌

बिल्ली ने चूहे पर फेंकी,
कोरी एक किताब।
बोली इसमें लिखना भैया,
नियमित रोज हिसाब।

कितने चूहे पकड़े मैंने,
कितने किये शिकार।
कितने भागे छूट छूट कर‌,
मुझसे बारंबार।

चूहा बोला इससे दीदी,
हमें नहीं इंकार।
यह‌ प्रस्ताव किसी कुत्ते से,
करवा लो स्वीकार।


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