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ISSN 2292-9754

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02.18.2017


अच्छे दिन

कछुआ भैया थे कतार में,
थी कतार यह लंबी।
समय काटना था तो सिर में,
लगे फेरने कंघी।

किसी तरह भी दस घंटे में,
रुपये निकला पाए।
बैंक छोड़कर बाहर आये,
बिलकुल न झल्लाये।

बोले काले धन को कैसे,
भी बाहर लाना है।
आज हो रही दिक़्क़त पर अब,
अच्छे दिन आना है।


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