पवन शाक्य


कविता

आज भी शाम हो गई
कैसे मैं दिल को दिलासा दिलाऊँ?
ढूँढता हूँ जिन्दगी में आशियाना
बिछोह
राग का विराग
वर्ष नया आएगा
सौन्दर्य की मर्यादा
होली की हुल्लड़ियाँ (लड़ाई-झगड़े)
होली की हुल्लड़ियाँ (पकबान)