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ISSN 2292-9754

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12.14.2014


स्त्री

स्त्री चाहती है
प्रेम
पनपने के लिए

सम्मान
खिलने के लिए

महत्व
महकने के लिए

इन तिरंगी पंखों के लगते ही
उड़ने लगती है वो
संतुष्टि के आकाश में

किन्तु अपना
सर्वत्र त्याग कर भी
मात्र इतना पाने में ही
उसका सम्पूर्ण जीवन
खर्च हो जाता है!!


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