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08.30.2007
 
नए साल में क्या दूँ
पाराशर गौड़

सुमन की मृदुल हँसी
श्याम त्रिपाठी का स्नेह
पूर्णिमा की कर्मठता
डॉ. यादव की गूढ़ता
प्रो. आदेश का ज्ञान
देवेन्द्र की दूरदर्शिता
शैलजा की ओजस्विता
भारतेन्दु की श्रेष्ठता
स्नेह का अपनापन
भगवत शरण का भोलापन
अरुण भटनागर की क्षमता
विक्रान्त का सपष्टीकरण
भुवनेश्वरी की निश्छल भावनायें
पाराशर की शुभ-कामनायें
आने वाला नया साल सब को मिले
सब फूले फलें!!


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