अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
11.16.2016


संध्या.. काली.. रात..
(कविता संग्रह - गोधड़ - 2006)
(मराठी आदिवासी कवि वाहरु सोनवणे की कविता का अनुवाद)
अनुवाद: नितिन पाटील

संध्या.. काली.. रात..
गोद में बच्चा ... रि... रि
करता
एक परछाई चक्की घूमाती
आटा आँसुओं का
पीसकर पूरा होता रहा...


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें