निर्मल सिद्धू


कविता
अय शहीद, तुझे सलाम
ओ ख़ुदा
ओ मसीहा
ओ राही
ज़िन्दगी का स्वेटर
तलाश...
नव वर्ष
नया साल
मेरा देश
यात्रा शून्य की
विश्वास
होने का अहसास
होली की सबों को हार्दिक बधाई
दीवान
१९८४ का पंजाब
आईने के रूबरू
आब-ए-हैवाँ दे दे
इक न इक दिन
इश्क़
क्या जवाब देंगे हम
क्या जवाब दोगे..
जाने किन बातों की
धर्म के हथियार
मुहब्बत का जुनूँ ...
मैं तो केवल इस फ़िज़ां में
मैं मुम्बई हूँ
सनम जबसे पर्दा उठाने लगे हैं
अनुवाद
अज आखाँ वारस शाह नूँ - अमृता प्रीतम
उदास वक़्त में मैंने - सुरजीत पात्तर
मेरी कविता - सुरजीत पात्तर
बिखरी विरासत - सुखमिंदर "रामपुरी"
धरती बिछौना है - जोगिंदर "अणखिला"