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| 06.07.2008 |
| सीधी बातें सच्ची बातें नीरज गोस्वामी |
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सीधी बातें सच्ची बातें
भूले सारी अच्छी बातें ठंडे मन से गर कर लो तो हो जाती सब नक्की बातें जीवन में लज़्ज़त ले आती उसकी मीठी खट्टी बातें बढ़ जाती है उसकी पीड़ा दिल में जिसने रख्खी बातें मत ले लेना दिल पर अपने उसकी पक्की कच्ची बातें हासिल क्या होता है करके बे मतलब की रद्दी बातें जीवन जीना सिखलाती है माँ की लोरी, पप्पी, बातें सीखी हमने जो पुरखों से अब लगती हैं झक्की बातें उलझें तो ना सुलझें नीरज ज्यूँ धागे की लच्छी बातें |
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