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04.29.2012

बर्फ के गोले

एक दिन
हथेलियों में
उग आये
कुछ
बर्फ के गोले
सोखने लगे
धीरे-धीरे
मेरा गुनगुनापन
और अब मै
गल कर
बह चुका हूँ
दूर तक
जहाँ तक यह सूखी
रेखाएँ देखते हो
इस ज़मीं पे


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