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05.03.2012
 
अचानक
मुकेश पोपली

अचानक कम होने लगी है
संख्या आदमी की
सड़कों पर

देखो
कुछ देर पहले
घूम रहे थे
इस जगह पर
बहुत से लोग
हँसते-मुस्कराते
और
बातें भी कर रहे थे
आजकल के हालात की
शिक्षा
आर्थिक स्थिति
राजनीति की
अचानक
उन्होंने उठा लिए
अपने यातायात के साधन
और कूच कर गए
अपने-अपने
घर की ओर

और वो देखो
नौजवानों की टोली
मौज मस्ती करने
इधर ही तो आ रही थी
कुछ खाने-पीने
कुछ बेल्ट, चश्मा और
नये डिजाइन की जींस लेने
अचानक
किसी एक के मोबाइल पर
आया संदेश
उन्हें विचलित कर गया है
जा रहे हैं
ऑटो से वापस
अपने-अपने
कमरे की ओर
हॉस्टल का दरवाजा
बन्द हो जाने के
भय से

कुछ षोडशियाँ
आज छुट्टी मनाने निकली थीं
बहुत दिनों से लगातार
पढ़ाई में डूबी थीं
गोल गप्पे खाने,
कानों के बूँदे चाहिए थे
किसी को चप्पल
तो किसी को चाहत थी
’ब्यूटी टिप्स‘ किताब की
उनमें से एक को चाहिए था
कुर्ता खादी का
क्योंकि गर्मी बहुत तेज़ है
आजकल शहर में
बेहाल हैं
उमस और पसीने से
सब
हैरान हो कर जा रही हैं
वापस घरों में
शहर का वातावरण
सर्द हो चला है
अचानक
बिना बर्फ के जैसे
ठंडा हो जाता है शरीर
साँस थम जाने पर
या फिर जब मजबूरी
में सौंप देती है कोई
अपने आप को
दूसरे मर्द को

बाज़ार बन्द होता देख
अपने ठेले-रिक्शे
संभालने लग गए हैं
और
खाने-पीने का सामान
बेचने वालों ने
इख्तियार कर लिया है
अपने-अपने
घर का रास्ता
बेपरवाह हो रहे हैं
गिरते हुए सामान
की ओर से
पहुँचना चाहते हैं
जल्दी और जल्दी
अपनों के बीच
जानते हैं कि
फँस जाने पर भीड़ में
नहीं मिलेगा रास्ता
और अचानक डंडे की मार
भी सहनी पड़ सकती है
उनको और
सिर्फ उनको
उनकी
खून-पसीने की
कमाई खाकी वर्दी वालों
द्वारा छीने जाने के
भय से

बच्चे जो अभी तक
खेल रहे थे फुटबाल
मैडोना और
रिनाल्डो अपने आप को
समझते हुए
और क्रिकेट वर्ल्ड कप की
बात कर रहे थे
अचानक
सवार हो गए अपनी-अपनी
साइकिल पर और बन गया
गिरीराज रंगा तो कोई
शंकर
छोटे छोटे कुछ बच्चे
आवाजें देते हुए उनके पीछे
भाग रहे हैं
चुनाव वाले दिन की तरह
वोट डलवा लेने के बाद
जैसे घर वापस नहीं पहुँचाते
मतदाता को पार्टी वाले लोग
छोड कर मैदान पर ही
’एक्स्ट्रा‘ को चले जा रहे हैं
बड़े बेशरम हैं जैसे
कल फिर
खेलने ही नहीं आना है

बहुत से बच्चे
निकलना चाहते हैं
घर के बाहर
लुका-छिपी का खेल खेलने
अचानक
छुपा लिया गया है
उन्हें ममता के आँचल में
टाफी और आइसक्रीम का
लालच देकर
दो मिनट में मैगी
हो जाएगी तैयार
तब तक ड्यू सिप करो
कुछ डूब गये हैं
कम्प्यूटर पर चल रहे
समुद्रीय तूफान के
खेल में
और
कुछ को लगा दिया गया है
छोटा-मोटा सामान
टैरेस से अंदर लाने के लिए

अचानक
किसी ने खोल दिया है
टी.वी.
छिड़ गई है बहस
कौन सा चैनल अच्छा है
कौन न्यूज़ सही दिखाता है
किस के संवाददाता देते हैं
पूरी जानकारी
कौन सा रीडर पढ़ता है
एक ही लाईन को
पचास पचास बार
और कौन दिखाता है
घटनाक्रम की ताज़ा तस्वीरें
क्या रखा है इन समाचारों में
देखो यह कैडबरी का विज्ञापन
गाय ने मिस इंडिया का
जीता है खिताब
है न कमाल बिग बी का
चलो देखो इस चैनल पर
करण जौहर की नई फिल्म
कभी अलविदा........का मेकओवर
आ रहा है
मगर यह हिंदी फिल्म बनाने वाले
और इसमें काम करने वाले
परदे पर अनपढ़ गंवार का
अभिनय करने वाले
अचानक
छोटे परदे पर
अंग्रेज़ी में
बोलने लग जाते हैं

अचानक
एक चैनल पर
दिखने लगी है
ब्रेकिंग न्यूज़
’शहर में बम फटे‘
बम की काल्पनिक तस्वीर भी
दिखा रहा है यह चैनल
’हमारे संवाददाता के अनुसार
अब से ठीक बीस मिनट पहले
शहर में एक के बाद एक
पाँच धमाके सुनाई दिए
चारों तरफ अफरा-तफरी का
माहौल पैदा हो गया है
लोग बदहवास से इधर उधर
भाग रहे हैं
चीख-पुकार के बीच
दुकानों के शटर गिरा दिए गए हैं
पुलिस की गाड़ियाँ
शहर में भागती हुई
दिखाई देने लगी हैं
एम्बुलेंस और अग्निशमन की
गाड़ियाँ आपात स्थिति के लिए
तैयार हैं
आप कहीं जाइएगा नहीं
अभी विस्तृत समाचारों और
ताज़ा तस्वीरों के साथ
हम हाज़िर होते हैं
एक छोटे से ब्रेक के बाद‘

’बड़ा बबली चैनल है‘
’ये अंदर की बात है‘
’पिज्जा वाले हमेशा समय
पर ही क्यों पहुंचते हैं‘

आज़ादी के इतने बरसों बाद
लगने लगा है
अचानक
हम अभी भी
स्वतंत्र नहीं है
शरीर से
दिल से
दिमाग से
अर्थ से
दरअसल
हमने
बन्द कर दिया है
सोचना और
समझना
वैसे भी समझाने का
अध्याय
रट रखा है
बारहखड़ी की तरह
उन लोगों ने
जिनके मुरीदों की संख्या
बढ़ती ही जा रही है
आश्रम में जाने के लिए
प्रतीक्षा सूची लंबी है
जिसका जितना चढ़ावा
उतनी ही जल्दी
मिल सकता है
अपने भगवान से
और पा सकता है
मन की शांति

अचानक
हैरान हो जाता हूँ मैं
और मेरे जहन में
एक ही सवाल
रहता है घूमता
क्यों नहीं डरते
आतंकवादी
उग्रवादी किसी से
सर पर नाचती मौत से भी
एक हम हैं कि
आनन-फानन में
पा लेना चाहते हैं
सब कुछ
दे कर धोखा
अपने ही किसी
जानकार को
और खुशफ़हमी में
किसी और के
हिस्से में सेंध मार कर
कह देते हैं
अचानक
किस्मत सब से बड़ी चीज़ है
मेरे भाई
बस ! अचानक.....


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