मोहम्मद इरशाद

दीवान
आदमी ख़ुद से मिला हो तो
कुछ लोग जी रहे हैं...
या रब तू मुझको ऐसा जीने का हुनर दे
रखते थे इत्‍तेफ़ाक जब
हर पल की तुम बात न पूछो