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ISSN 2292-9754

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02.20.2016


संचार का नवाधार : ब्लॉगिंग का संसार

विज्ञान और तकनीक का
हुआ जीवन में प्रसार।
वास्तविक संग रच लिया
हमने एक आभासी संसार।
वक़्त से क़दमताल करने के
भरपूर प्रयासों में हरदम
कहीं आत्मीय रिश्तों की टूटन है
कहीं नए जुड़ते रिश्तों का -
हम भर रहे हैं दम।
विश्वव्यापी वितान से
हम हो रहे एकतान,
सूचना-क्रान्ति के दौर में करते
नयी सूचनाओं का संधान।
भावों को करते शब्दबद्ध
विचारों का करते आदान-प्रदान
प्रतिक्रिया में पाकर
दोस्तों की लम्बी कतार,
वैश्विक हो रहे हम
रचकर ब्लॉग का संसार।
अन्तरजाल के इस चिट्ठे पर दर्ज कर
लम्हा-लम्हा ज़िंदग़ी की दास्तां,
जानकारियों के प्रसार संग पाते हम
अपनी उपस्थिति की…
थोड़ी-सी ज़मीं ..... थोड़ा सा आसमां।


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