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| 01.08.2008 |
| मुन्नी और चुन्नी मीना जैन |
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मुन्नी और चुन्नी हैं दो बहनें
उनके ठाठ के क्या कहने मुन्नी सजी-धजी रहती है चुन्नी बनी-ठनी रहती है दोनों मिलकर खेलें खेल माँ को भाता उनका मेल अपने काँधे पर बस्ता लेकर एक दिन मुन्नी चल दी स्कूल चुन्नी रही उदास सारा दिन मुन्नी को नहीं पाती भूल घर लौटी जब मुन्नी रानी देखा बहन को बहुत उदास समझाया उसने बड़े प्यार से बैठाकर चुन्नी को अपने पास बोली- तुम कुछ बड़ी हो जाओ फिर तुम भी जाना स्कूल तब तक खेलो खेल खिलौने देखो बगिया के सुंदर फूल यूँ ही बीत गये दो साल अब चुन्नी भी चल दी स्कूल मुन्नी और चुन्नी दोनों बहनें अब साथ-साथ जातीं स्कूल | |
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