जीवन गाथा मीना चोपड़ा
उठती हैं गिरती हैं दर्पण हैं साँसें प्रतिबिम्बों को जन्म देती हैं।
प्रतिबिम्ब, जो कई चिह्न बना देते हैं दाग देते हैं प्रश्न कई दायरों पर लिख देते हैं दायरे कई सीनों पर
छप जाती है समय के पन्नों पर जीवन गाथा।