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02.07.2009
 

लहू का रंग एक है
बी मरियम ख़ान


क़द-ओ-काठ अलग अलग,
रूप-ओ-रंग अलग अलग,
जिस्म की सिफ़्त एक है,
लहू का रंग एक है।

बूद-ओ-बाश अलग अलग,
लिबास भी अलग अलग,
ज़रूरत सब की एक है,
लहू का रंग एक है।

ख़ुर्द-ओ-नोश अलग अलग,
पसन्द भी अलग अलग,
भूख सब की एक है,
लहू का रंग एक है।

मुहब्बतें अलग अलग,
नफ़रतें अलग अलग,
एहसास सब का एक है,
लहू का रंग एक है।

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