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12.02.2014


दिल पर ले यार

दिल पर ले यार,
क्योंकि जब तक दिल पर ना लेगा,
ज़िंदगी घिसटती रहेगी यों ही उम्र भर,
काहिलों की तरह,
मरते रहेंगे दिल से जुड़े हर एहसास,
और फिर बेग़ैरतों सी गुज़रने लगेगी ज़िंदगी,
बह जाने दे आँसुओं के साथ,
हर दर्द, अपमान और निराशा को,
और बाहर आने दे दिल का हर उबाल,
छुपा मत इसे,
दफ़न मत होने दे,
इसे दिल के अंदर,
बड़ी संघर्षों से उठता है,
दिल में उबाल,
दहकने दे इसे,दिल के अंदर,
मत डाल इस पर बहानों का पानी,
मत रोक इसे ,पनपने दे आक्रोश को,
बहकने दे अपने जोश को,
दमकने दे इसे अपने चेहरे पर,
अपने व्यक्तित्व में झलकने दे,
दे खुली छूट, इस प्रवाह को,
तोड़ने दे हर बंधन को,
मत घुटने दे इसको,
ज़िंदा रहने दे इसे दिल में,
इसे मत मार,
दिल पर ले यार।


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