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ISSN 2292-9754

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01.14.2016


तेरा चेहरा नज़र आये

कभी जब आँख मूँदूँ तो
तेरा चेहरा नज़र आये,
मुझे अक़्सर सताते हैं
तुम्हारी याद के साये,

बड़ी ही भूल की मैंने
मोहोब्बत तुमसे जो कर ली,
तेरी तस्वीर दिल में ली
बग़ावत रब से ये कर ली,

कि अब ना दिन को चैन आये
न रातों को सुकून आये,

कभी जब तुमसे मिलता हूँ
तुम्हीं में खो सा जाता हूँ,
कुछ अपना सा नहीं लगता
तुम्हारा हो सा जाता हूँ,

कहीं मुझको छुपाते हैं,
तुम्हारी जुल्फ के साये,

कभी जब आँख मूँदूँ तो
तेरा चेहरा नज़र आये,
मुझे अक्सर सताते हैं
तुम्हारी याद के साये।


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