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| 01.16.2009 |
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तुमसे मिलना बातें करना अच्छा लगता है
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तुमसे मिलना बातें करना अच्छा लगता है आते ही जाने की जब वो बातें करता है यादों के मौसम में जब भी जिससे मिलता हूँ मस्त हवा के झोंके जब-जब दस्तक़
देते हैं अहसासों की सोन नदी में डूबा रहता है महक उठी है रजनीगंधा टीक दुपहरी में सीपी शंख नदी फुलवारी घण्टों बतियाना |
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