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ISSN 2292-9754

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01.30.2016


मन का कैनवास

मन के कैनवास पर
कई बार चाहा
उतार देना
रंग बिरंगी तस्वीर
जीवन की।
चाहा कि कर दूँ
मन का कैनवास
इंद्रधनुषी/सतरंगी
उगा दूँ
ख़ुशियों का सूरज
सुख का चंदा
उम्मीदों के टिमटिम तारे।
पर
हर बार
मन के कैनवास पर
उभरी एक ही तस्वीर
अमावस की।


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