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| 09.09.2007 |
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ज़िन्दगी के रंग मंजु महिमा भटनागर |
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कई
अजब रंग लेकर आती है ज़िन्दगी
बबूलों के साए में,
इंच
इंच छाँव लिए,
गहराती प्यास में,
बूँद
बूँद रस लिए,
दर्दिले मोड़ों पर मुस्काती ज़िन्दगी,
मंहगाई के दामन में,
माँगों की सूची लिए,
कटोती
के पैबन्दों से,
हसरतों की चाह में
सजनी
के आँचल सी सजती है ज़िन्दगी,
चाहत
के पंखों में,
सपनों
को सिमटाए,
बेबसी
के अंडों को,
जीवन
की उम्मीद में
खुशी
खुशी सेती है ज़िन्दगी,
अरमानों की थाली में
रंग-बिरंगी गुलाल लिए,
सुख-दुख के गालों पर,
कसमसे
से अहसासों को,
कैसे
मस्ती से मलती है ज़िन्दगी,
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