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ISSN 2292-9754

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10.31.2014


वो मौसम

 मैंने बातों बातों में
फोन पे ही पूछा –

इतने दिनों बाद आ रहा हूँ
बोलो,
तुम्हारे लिए क्या लाऊँ

उसने कहा-
वो मौसम
जो हमारा हो
हमारे लिए हो
और हमारे साथ हो,
हमेशा।


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