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ISSN 2292-9754

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01.23.2016


तुमसे बात करना

तुमसे बात करना
कभी-कभी मुश्किल होता है-
कविता लिखने से भी अधिक
उस दिन मैंने यूँ ही कहा कि-
काश ! तुमसी कोई दूसरी
मेरी ज़िन्दगी में फिर आ जाती तो
ज़िंदगी का लुत्फ़ बदल जाता

इस पर तुमने गुस्साते हुए कहा-
तुम्हारी ज़िन्दगी में ऐसा कुछ नहीं होने वाला
क्योंकि मेरी जैसी कोई मिल भी गयी तो
तुम तो वही रहोगे।


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