अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
03.15.2015


आज अचानक हुई बारिश में

आज अचानक हुई बारिश में
भीगते हुए बुरा लग रहा था

क्योंकि वो बारिश याद रही
जिसमें एक छाते में सिमटकर

हम बारिश से बच तो रहे थे
मगर भीग भी रहे थे

एक–दूसरे के साथ
एक–दूसरे के प्यार में।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें