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05.09.2014


पर कदम-कदम पर गिना गया हूँ

तुम मुझे ललकार लो
मैँ यहाँ हूँ,
चुनौतियों का पहाड़ दो
मैं खड़ा हूँ,
हारता हूँ
पर जीत तक पहुँचता हूँ,
नींद में हूँ
पर जागने को सोया हुआ हूँ,
रूका हुआ हूँ
पर दौड़ में शामिल हुआ हूँ,
थका हुआ हूँ
पर कदम-कदम पर गिना गया हूँ।


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