अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
04.02.2015


बस, अच्छा लगता है

बस, अच्छा लगता है
तुम्हें, तुम कहना
कहना, कैसी हो,
यह जानना कि
साथ का रहस्य
खुला या नहीं,
हँसी की मुलाक़ात
हुई या नहीं,
अपनी बातों को
दोहराया या नहीं,
रिश्तों की पूछताछ
हुई या नहीं,
संस्कृति का सुर
बदला या नहीं,
बस, अच्छा लगता है
तुम्हें, तुम कहना।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें