डॉ. महेंद्र भटनागर


कविता

आओ जलाएँ
आज़ादी का त्योहार
कचनार
गणतंत्र-स्मारक
जनतंत्र-आस्था
तुम....
दीपावली (बाल साहित्य)
नयी नारी
नव-वर्ष
नारी
निष्कर्ष
प्रधूपिता से -
फाग
मेघ-गीत
याचना
समता का गान
होली

पुस्तक

तारों के गीत
राग-संवेदन
हँस-हँस गाने गाएँ हम
कवि महेंद्रभटनागर-विरचित राग-संवेदन
निराशा और बुद्धिवाद के समानांतर एक रागमय संसार की रचना
(पुस्तक चर्चा)

आलेख

मानव-मुक्ति और वैचारिक प्रतिबद्धता के कवि : डॉ. महेंद्र भटनागर
डॉ. श्रीनिवास शर्मा (कोलकाता)