अंन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली

मुख्य पृष्ठ

05.03.2012

 
परिचय  
 
नाम : डॉ. महेंद्र भटनागर
  उत्कृष्ट काव्य-संवेदना समन्वित द्वि-भाषिक कवि : हिन्दी और अंग्रेजी।
सन् १९४१ से काव्य-रचना आरम्भ। विशाल भारत, कोलकाता (मार्च १९४४) में प्रथम कविता का प्रकाशन।
लगभग छह-वर्ष की काव्य-रचना का परिप्रेक्ष्य स्वतंत्रता-पूर्व भारत; शेष स्वातंत्रयोत्तर। सामाजिक-राजनीतिक-राष्ट्रीय चेतना-सम्पन्न रचनाकार।

लब्ध-प्रतिष्ठ प्रगतिवादी-जनवादी कवि। अन्य प्रमुख काव्य-विषय - प्रेम, प्रकृति, जीवन-दर्शन।

दर्द की गहन अनुभूतियों के समान्तर जीवन और जगत के प्रति आस्थावान कवि। अदम्य जिजीविषा एवं आशा-विश्वास के अद्‍भुत-अकम्प स्वरों के सर्जक।

जन्म : २६ जून १९२६ / झाँसी (उत्तर-प्रदेश)
शिक्षा : एम.ए. (१९४८), पी-एच.डी. (१९५७) नागपुर विश्वविद्यालय से।
कार्य : कमलाराजा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय / जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर से प्रोफेसर-अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त।
सम्प्रति : शोध-निर्देशक - हिन्दी भाषा एवं साहित्य।
कार्यक्षेत्र : चम्बल-अंचल, मालवांचल, बुंदेलखंड।
प्रकाशन : डा. महेंद्रभटनागर-समग्र छह खंड में उपलब्ध।
प्रकाशित काव्य-कृतियाँ २० हिन्दी और अंग्रेजी की अनेक वेबसाइटों पर काव्य-साहित्य द्रष्ष्टव्य।
अनुवाद :

कविताएँ अंग्रेजी, फ्रेंच, चेक एवं अधिकांश भारतीय भाषाओं में अनूदित व पुस्तकाकार प्रकाशित।

सम्पर्क :