प्रो. एम. वेंकटेश्वर
आलेख
एमिली ब्राँटे का कालजयी उपन्यास "वुदरिंग हाइट्स"
अज्ञेय कृत "शेखर - एक जीवनी" का पुनर्पाठ
नयी कविता और भवानी प्रसाद मिश्र
"निराला की साहित्य साधना" और डॉ. रामविलास शर्मा
पुरुष के जीवन में स्त्री की पात्रता
'मुड़-मुड़के देखता हूँ'... और राजेन्द्र यादव
भारतीय साहित्य में अनुवाद की भूमिका
मुक्तिबोध की काव्य चेतना
विश्व के महान कहानीकार : अंतोन चेखव
वैश्वीकरण के परिदृश्य में अनुवाद की भूमिका
स्वप्न और आत्म संघर्ष की आत्माभिव्यक्ति : "अँधेरे में"
साहित्य और सिनेमा
अंतर्राष्ट्रीय रंगमंच और सिनेमा के चहेते कलाकार सईद जाफ़री की स्मृति में
अपराजेय कथाशिल्पी शरतचंद्र और देवदास
(देवदास के प्रकाशन के सौ वर्ष के संदर्भ में)
अमेरिकी माफ़िया और अंडरवर्ल्ड पर आधारित उपन्यास: गॉड फ़ादर (The Godfather)
ऑस्कर वाईल्ड कृत महान औपन्यासिक कृति : पिक्चर ऑफ़ डोरिएन ग्रे
इंग्लैंड के महान उपन्यासकार चार्ल्स डिकेंस की अमर कृति "ग्रेट एक्सपेक्टेशन्स"
खेतिहर समुदायों के विस्थापन की त्रासदी : जॉन स्टाईनबैक की अमर कृति "ग्रेप्स ऑफ़ राथ"
'गॉन विथ द विद' - एक कालजयी उपन्यास और सिनेमा
चीन के कृषक जीवन की त्रासदी "द गुड अर्थ"
दासप्रथा का प्रथम क्रांतिकारी विद्रोही - स्पार्टाकस
द्वितीय महायुद्ध में नस्लवादी हिंसा का दस्तावेज़ : शिन्ड्लर्स लिस्ट
फ्रांसीसी राज्य क्रान्ति और यूरोपीय नवजागरण की अंतरकथा : ए टेल ऑफ़ टू सिटीज़
टॉलस्टाय की 'अन्ना केरेनिना' : कालजयी उपन्यास और अमर फिल्म
फ़्योदोर दोस्तोयेव्स्की की अमर औपन्यासिक कृति "ब्रदर्स कारामाज़ोव"
"बेन-हर" (BEN-HUR) रोम का साम्राज्यवाद और सूली पर ईसा मसीह का करुण अंत
: साहित्य और सिनेमा

बोरिस पास्टरनाक की अमर कृति 'डॉ. ज़िवागो' : साहित्य और सिनेमा
भारतीय सिनेमा और रवीन्द्रनाथ टैगोर
भारतीय सिनेमा को तेलुगु फिल्मों का प्रदेय
भारतीय सिनेमा में 'समांतर' और 'नई लहर (न्यू वेव)' सिनेमा का स्वरूप
भूमंडलीकरण और हिन्दी सिनेमा
युद्धबंदी सैनिकों के स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की अनूठी कहानी : "द ब्रिज ऑन द रिवर क्वाई"
विश्व कथा साहित्य की अनमोल धरोहर "ले मिज़रेबल्स" - साहित्य और सिनेमा
विश्व की महान औपन्यासिक कृति वार एंड पीस (युद्ध और शांति)
शॉर्लट ब्रांटे की अमर कथाकृति : जेन एयर
स्त्री जीवन की त्रासदी "टेस - ऑफ द ड्यूबरविल"
हिंदी फिल्में और सामाजिक सरोकार
हिंदी सिनेमा के विकास में फ़िल्म निर्माण संस्थाओं की भूमिका भाग - 1
हिंदी सिनेमा के विकास में फ़िल्म निर्माण संस्थाओं की भूमिका भाग - 2
हिंदी सिनेमा में स्त्री विमर्श का स्वरूप
समीक्षा
अबलाओं का इन्साफ़ - स्फुरना देवी
चूड़ी बाज़ार में लड़की
केंद्रीय हिंदी शिक्षण मण्डल के उपाध्यक्ष :
प्रेमचंद साहित्य के समर्पित आचार्य डॉ. कमल किशोर गोयनका

फाइटर की डायरी : मैत्रेयी पुष्पा
नवजागरण के परिप्रेक्ष्य में रवीन्द्रनाथ ठाकुर का कालजयी उपन्यास "गोरा"
"फरिश्ते निकले" - नारी शोषण का वीभत्स आख्यान
भारतीय मुस्लिम परिवार में जन्मी स्त्री के शोषण और संघर्ष की आत्मकथा
"दर्द जो सहा मैंने"

शव काटने वाला आदमी
स्त्री जीवन के भोगे हुए यथार्थ की कहानी : 'नदी'
"नहर में बहती लाशें"
साक्षी है पीपल
अनूदित-साहित्य
एक राजनैतिक कहानी
तेलुगु मूल : "ओका राजकीय कथा"
लेखिका : वोल्गा
संस्मरण
अरुण यह मधुमय देश हमारा