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07.05.2008
 
नियति
कुमार लव

निरंकुश को रोकने के लिए
आज आतंक का सहारा लिया,
लोग तुम्हारे साथ हैं,
अच्छा है।

उठने वाली हर सही आवाज़ को
कल कुचल दोगे,
अपने ख़िलाफ़ उठती हर सोच को
आतंकित कर दोगे।

अच्छा है।
विकास के बुलडोज़र के चलते,
सब अच्छे घरों में रहेंगे,
रंगीन टीवी देखेंगे।
जानेंगे, कहीं दूर-
आतंकी कुचले जा रहे हैं,
बहुत ख़तरनाक आतंकी,
इस ही लिए पहरा है,
हमारी सोच पर।

अच्छा है।


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